Wednesday, February 20, 2013

सिख विरोधी दंगा: टाइटलर पर CBI की सुस्ती से अदालत नाराज

नई दिल्ली:  दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में कांग्रेस के नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ अंतिम बहस को आगे बढ़ाने में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की असफलता पर कड़ा रुख अपनाया है।

उधर इस दंगे के पीड़ितों के परिवारों ने न्याय देने में कथित देरी के खिलाफ कड़कडड़ूमा अदालत परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इन लोगों ने अपने लिये और दंगों के दौरान मारे गए अपने परिवार के सदस्यों के लिये न्याय की मांग करते हुए नारेबाजी की।

मामले की सुनवायी के दौरान अदालत ने सीबीआई के वकील को अगली सुनवायी (20 मार्च) के दिन बहस शुरू करने का निर्देश दिया और कहा कि ऐसा नहीं होने की सूरत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुना दिया जाएगा। एजेंसी के वकील का कहना था कि वह आज बहस के लिये तैयार नहीं है। वकील ने बहस के लिए और समय देने का अनुरोध किया था।

इस पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुराधा शुक्ला भारद्वाज ने कहा, ‘‘अगर सीबीआई ने सुनवायी की अगली तारीख यानी 20 मार्च को बहस आगे नहीं बढ़ायी, तो उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुना दिया जाएगा।’’

अदालत दंगा पीडि़त की पत्नी लखविंदर कौर की उस याचिका पर सुनवायी कर रही है जिसमें सीबीआई द्वारा मामला बंद करने की रिपोर्ट और इसमें टाइटलर को बेदाग करार दिये जाने के निष्कर्ष को चुनौती दी गई है। लखविंदर के पति बादल सिंह की हत्या इस दंगे के दौरान कर दी गई थी।

मामले में आज सीबीआई की ओर से बहस होनी थी क्योंकि सुनवायी की पिछली तारीख के दिन एजेंसी के वकील उपलब्ध नहीं थे। इस दिन पीड़ितों की ओर से वरिष्ठ वकील एचएस फुल्का और कामना वोहरा ने अपनी बहस पूरी की थी।

सीबीआई के वकील संजय कुमार ने कहा कि चूंकि उन्हें हाल ही में मामले की जिम्मेदारी मिली है, इसलिये वह बहस के लिये पूरी तरह तैयार नहीं हैं। दंगा पीड़ितों के परिजनों ने सीबीआई की ओर से आज बहस नहीं किए जाने का कड़ा विरोध किया।

हेलिकॉप्टर सौदा रद्द करने पर सरकार में मतभेद?

 मंगलवार, 19 फ़रवरी, 2013 को 16:23 IST तक के समाचार
हेलिकॉप्टर
खबरें आई थी कि खुर्शीद ने रक्षा मंत्रालय के सौदा रद्द करने के फैसले को लेकर एतराज़ जताया है जिसे उन्होंने खारिज किया है
भारत के विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और रक्षा मंत्री एके एंटनी ने अगस्टा वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदा रद्द करने को लेकर सरकार के बीच मतभेद होने की खबरों को खारिज किया है.
मंत्रालय ने कहा था कि 12 इतालवी हेलिकॉप्टरों की खरीद वाले क्लिक करें 3600 करोड़ रुपए के विवादास्पद सौदे को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
ऐसी खबरें आई थीं कि खुर्शीद ने रक्षा मंत्रालय के सौदा रद्द करने के फैसले को लेकर ऐतराज़ जताया है और उन्होंने डील रद्द करने के फैसले में जल्दबाजी की ओर इशारा किया है.
लेकिन स्पष्टीकरण देते हुए खुर्शीद ने पत्रकारों से कहा है, ''मैंने कोई ऐतराज़ नहीं जताया है. मैंने वही कहा है जो उचित है.
उन्होंने कहा, ''इस पर फैसला रक्षा मंत्रालय के नेतृत्व में सरकार का होना चाहिए. हमें मीडिया या गलियों में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए.''
पूछने पर कि क्या रक्षा मंत्रालय बिना किसी से राय लिए कदम उठा रहा है तो उन्होंने कहा कि ''यह रक्षा मंत्रालय का काम है कि वो इस पर फैसला ले. इसके बाद फिर ये फ़ैसला ऊपर जाना चाहिए.''
एंटनी ने भी ऐसी खबरों को खारिज करते हुए कहा कि उनका विदेश मंत्रालय से कोई मतभेद नहीं है.
"इस पर फैसला रक्षा मंत्रालय के नेतृत्व में सरकार का होना चाहिए. हमें मीडिया या गलियों में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए."
सलमान खुर्शीद
रक्षा मंत्री ने कहा कि हेलीकॉप्टर डील पर ''सरकार में तालमेल की कोई कमी नहीं है.''

'पूरी सतर्कता बरती'

एंटनी ने कहा कि इस मामले में उठे विवाद से वो दुखी हैं. उन्होंने कहा, ''हमने पूरी सतर्कता बरती. कई कंपनियों को ब्लैक लिस्ट किया. इस मामले में हम संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.''
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय के साथ तालमेल न होने का कोई सवाल नहीं है.
गौरतलब है कि अगस्ता वेस्टलैंड का सौदा वर्ष 2010 में हुआ था.
रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कंपनी को चेतावनी देते हुए कहा था कि उसके साथ करार रद्द किया जा सकता है और पैसा वापस लिया जा सकता है.
उसने यह भी कहा था कि कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है और क़ानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.

दोनो में 'अनबन'

रक्षा मामलों की प्रतिष्ठित पत्रिका जेंस डिफेंस वीकली के भारत के संवाददाता राहुल बेदी का मानना है कि दोनों में अनबन है और इसका कारण दोनों मंत्रियों की शख्सियतें भी हो सकती हैं.
वे कहते हैं, ''एंटनी एक ऐसे मंत्री हैं जो खुद को साफ और ईमानदार छवि के मानते हैं. पिछले सालों में उन्होंने कई कंपनियों पर रोक लगाई है जिससे सेना को काफी चोट पहुंची है.''
''लेकिन सरकार में ऐसी सोच है कि इस तरह की ब्लैकलिस्टिंग प्रतिकूल साबित हुई है.''
वे कहते हैं, ''अभी तीन ही हेलिकॉप्टर आए हैं लेकिन सरकार में एक सोच यह है कि सभी 12 हेलिकॉप्टर भारत आने चाहिए खास तौर पर तब जबकि किसी पर कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है.''
बुधवार सुबह से देशभर में दो दिन का राष्‍ट्रव्‍यापी बंद शुरू हो गया है. बंद को देखते हुए सभी राज्‍य सरकारों और केंद्र सरकार ने पूरी तैयारियां कर ली हैं. दो दिनों की देशव्यापी हड़ताल को देखते हुए राजधानी दिल्‍ली में आम जनजीवन बाधित हो सकता है क्योंकि शहर के कई मजदूर संघ आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं.
मुंबई में नहीं दिखेगा हड़ताल का असर
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में हड़ताल का कम असर होने की संभावना है, क्‍योंकि यहां बसें, ट्रक, रेल, ऑटो और टैक्‍सी रोज की तरह ही चलेंगे. हालांकि हड़ताल को शिवसेना का समर्थन हासिल है.

राजधानी दिल्‍ली में सार्वजनिक परिवहन, कई अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और बैंकों का कामकाज बाधित हो सकता है क्योंकि इन सेवाओं से जुड़े कामगारों के एक धड़े ने 11 मजदूर संघों द्वारा आहुत इस हड़ताल को समर्थन देने की घोषणा की है.
कई ऑटोरिक्शा और टैक्सी संघों ने हड़ताल का समर्थन करने का फैसला किया है जिससे नियमित यात्रा करने वाले, विशेषकर स्कूली बच्चों और ऑफिस जाने वाले लोगों को असुविधा हो सकती है. आजादपुर थोक बाजार के बड़े मजदूर संघों ने भी हड़ताल में शामिल होने की बात कही है जिससे राजधानी में फलों और सब्जियों की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है.
राष्ट्रव्यापी हड़ताल से पहले मजदूर संघों ने लिया ‘स्थिति का जायजा’
दस मांगों को लेकर बुधवार सुबह से शुरू हुई दो दिनों की आम हड़ताल से पहले मंगलवार को दिल्‍ली में बड़े मजदूर संघों ने अलग-अलग बैठकें कीं. सीटू के महासचिव तपन सेन ने कहा कि बैठकें मूल रूप से हड़ताल से पहले की ‘स्थिति का जायजा लेने’ के लिए आयोजित की गयीं.

उन्होंने कहा कि सरकार को मांगों को पूरा करने के लिए काफी समय दिया गया लेकिन वह श्रमिक वर्ग को प्रभावित कर रही समस्याओं को सुलझाने में नाकाम रही.
बड़े उद्योगों को हड़ताल से उत्पादन नुकसान की आशंका
पंजाब और हरियाणा के मझोले तथा बड़े उद्योग ने ट्रेड यूनियनों की दो दिन की हड़ताल के दौरान उत्पादन नुकसान की आशंका जताई है. उल्लेखनीय है कि ट्रेड यूनियनों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है.

सबसे बड़ी साइकिल कंपनी हीरो साइकिल्स के निदेशक एस.के. राय ने कहा, ‘दो दिन की हड़ताल का असर पड़ेगा. इससे उत्पादन का नुकसान हो सकता है. हम अपना उत्पादन जारी रखने का प्रयास करेंगे. यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने कर्मचारी काम पर आते हैं.’
करनाल के एक उद्योगपति ने कहा कि हम चाहते हैं कि काम पर असर न पड़े. सूक्ष्म और लघु उद्योगों को हालांकि हड़ताल का ज्यादा असर पड़ने की आशंका नहीं है. पंजाब में करीब 1.70 लाख लघु इकाइयां हैं. वहीं हरियाणा में 1212 बड़े और मझोले उद्योग हैं.

Monday, February 11, 2013

Nigeria wins Africa Cup of Nations AP SPORT » FOOTBALL JOHANNESBURG, February 11, 2013 Nigeria returned to the top of African football on Sunday by beating Burkina Faso 1-0 in the Cup of Nations final for its first continental title in nearly two decades. Sunday Mba’s goal in the 40th minute delivered another triumph for coach Stephen Keshi after he captained Nigeria to its last African Cup crown in 1994. Mba decided the game in front of around 87,000 fans at Soccer City with a left-foot volley into the far right corner after he expertly controlled a rebound and clipped the ball over a defender. Burkina Faso fell short of what would have been a surprising triumph in its first final, having progressed beyond the group stage for only the second time at the African championship.


Director Ben Affleck with the award for best film for "Argo," at the Bafta Film Awards at the Royal Opera House on Sunday, in London. Iran hostage drama Argo continued its journey from awards season outsider to favourite on Sunday, winning three prizes, including best picture, at the British Academy Film Awards. Ben Affleck was named best director for the based-on-reality story of a long shot plan to rescue a group of American diplomats from Iran after the 1979 Islamic Revolution, and the film also took the editing trophy. Affleck dedicated his directing prize for “anyone out there who’s trying to get their second act.” Daniel Day-Lewis won his universally expected best actor trophy for Lincoln the only prize out of 10 nominations for Steven Spielberg’s historical biopic. Emmanuelle Riva was named best actress for Michael Haneke’s poignant old-age portrait Amour . French revolutionary musical Les Miserables won four prizes, including best supporting actress for Anne Hathaway. James Bond adventure Skyfall spied some elusive awards recognition, winning trophies for music and best British film. Kathryn Bigelow’s Osama bin Laden thriller Zero Dark Thirty was shut out of the prizes, despite five nominations. This season’s movie with momentum is crowd- pleaser Argo , which has been building steam with big prizes at ceremonies such as the Golden Globes, the Producers Guild and the Directors Guild of America Awards. It is now considered a front—runner for the best picture award at the Oscars on Feb. 24, even though Affleck was not nominated for best director. The early prizes were shared widely, with Les Mis taking trophies for sound and makeup/hair and Life of Pi receiving the honour for cinematography. Quentin Tarantino picked up the original screenplay award for Django Unchained , and Christoph Waltz was named best supporting actor for playing a loquacious bounty hunter in Tarantino’s slave-revenge thriller. Writer-director David O. Russell won the adapted screenplay prize for Silver Linings Playbook , a comedy about characters confronting mental illness.


Markandey Katju Slamming the Delhi Police’s detention of senior journalist Iftikhar Gilani hours after Afzal Guru’s execution on Saturday, Press Council of India chairman Markandey Katju has demanded that the officers responsible be suspended and charge-sheeted. Mr. Gilani, who works as an assistant editor for English news daily DNA, is also the son-in-law of Kashmiri separatist leader, Syed Ali Shah Geelani. On Saturday morning, he and his wife were detained for five hours by officers from the Special Cell of the Delhi Police, who also locked his two school-going children into the bedroom of their flat. In a strong letter to Home Secretary R.K. Singh, Justice Katju termed the behaviour of the Delhi Police as “high-handed” and “outrageous,” comparing it to the methods of the Gestapo in Nazi Germany. “If these allegations are correct, the concerned police officers, who committed these high-handed illegal acts, as well as those higher-ups who were instrumental in ordering these shameful and odious acts are prima facie guilty of serious crimes under Sections 341/342, as well as other provisions of the Indian Penal Code and are also guilty of gross and blatant abuse of their powers,” said the letter, written after Mr. Gilani sent a complaint to the PCI. Justice Katju has given the government 48 hours to take action if Mr. Gilani’s allegations are proved. He demanded that the police officers responsible —including those who issued the detention orders — be immediately charge-sheeted and placed under suspension, and criminal proceedings be instituted. Citing the example of the Nuremberg trials, he warned that policemen could not hide behind the excuse that they were only following illegal orders. The PCI chief also demanded that an apology and compensation be given to Mr. Gilani and his family. He added that the alleged ongoing harassment and surveillance of Mr. Gilani — who had also been arrested on false charges in 2002 — violates previous Supreme Court orders and also infringes upon the constitutional right to privacy. Fellow journalists have also come out in strong support of Mr. Gilani. The Press Association pointed out that the DNA scribe is accredited as a journalist by the Government of India itself. “This kind of rude treatment meted out to Iftikhar Gilani and his family members by the police is totally uncalled for and has no place in a democratic country like ours which boasts of being governed by the rule of law,” said a statement issued on Saturday. The Delhi Union of Journalists also called for immediate action against the police officials involved and said it would organise a protest meeting against their “unwarranted and blatantly illegal action.” The Editors Guild of India asked for a police apology to Mr. Gilani and his family and an “assurance that he will not be harassed in the future or prevented from carrying out his journalistic duties again.” The Guild also expressed concern at restrictions imposed on newspapers in Srinagar over the past two days, and asked the government of Jammu and Kashmir to allow the press to exercise its constitutional right to freedom of expression. Newspapers in the Valley have reportedly been asked not to print or circulate their editions, and have also been prevented from uploading their online editions.


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